
12-10-2009 चूरू। सादुलपुर से चूरू कार से सफर कर रहे एक दम्पती ने सड़क पर वाहन की टक्कर से घायल हुए एक हरिण की जान बचाई। सादुलपुर निवासी मुकेश विश्नोई रविवार सुबह परिवार सहित कार से चूरू आ रहे थे। दूधवाखारा स्टेशन के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग पर उन्हें एक घायल हरिण पीड़ा से छटपटाता नजर आया। हरिण के चारों पैरों से खून बह रहा था। विश्नोई दम्पती घायल हरिण को कार से चूरू के पशु चिकित्सालय लेकर पहुंचे किन्तु चिकित्सालय बंद हो जाने से उसे प्राथमिक उपचार भी नहीं मिल सका।उन्होंने डेडराज भरतीय चिकित्सालय में हरिण का प्राथमिक उपचार कराने का प्रयास किया किन्तु वहां से उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि वहां जानवरों का उपचार नहीं होता। दम्पती ने अस्पताल से पट्टी व दवा लेकर स्वयं ही हरिण का प्राथमिक उपचार किया।दम्पती घायल हरिण को उप खण्ड अघिकारी उम्मेद सिंह के पास लेकर गए तथा हरिण का उपचार करवाने की मांग की। सिंह ने दूरभाष पर पशु चिकित्सक डा. ओमप्रकाश वर्मा को तत्काल अस्पताल पहुंचकर घायल हरिण का उपचार करने की हिदायत दी। डा. वर्मा ने अस्पताल पहुंच कर हरिण का उपचार किया। उपचार करवाने के बाद दम्पती हरिण को यह कहते हुए अपने साथ ले गए कि इस हरिण को वह स्वयं सादुलपुर जाकर वन विभाग के सुपुर्द कर देंगे। गौरतलब है कि हरिण किसी वाहन की टक्कर लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था।
गोली से जख्मी नीलगाय, शिकारी सक्रियसुजानगढ़।
गांव गोन्दूसर की रोही में शनिवार रात को किशोरसिंह के खेत में गोली लगने से नील गाय का बच्चा घायल हो गया। घायल बच्चे का मुकाम की गोशाला में उपचार किया जा रहा है। गांव जसरासर निवासी मनफूलाराम ने बताया कि कात्तर छोटी क्षेत्र स्थित उसके खेते में बावरी जाति के लोगो ने रविवार दोपहर को हरिण को मारने के लिए गोली चलाई। गोली से हरिण के मारे जाने की पुष्टि नहीं हुई। विश्नोई समाज के सचिव हनुमान विश्नोई ने बताया कि क्षेत्र में शिकारी गिरोह सक्रिय है। पुलिस ने बताया कि नील गाय के बच्चे के गोली लगने की घटना की रिपोर्ट दर्ज कर अज्ञात शिकारियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
